
जगदीश शर्मा नैनीताल
उत्तराखंड के सरोवर नगरी नैनीताल से भ्रष्टाचार का एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है जिसने खाकी वर्दी को एक बार फिर दागदार कर दिया है। सरकारी तंत्र और कानून के रखवाले ही जब ‘वसूली भाई’ बन जाएं, तो आम जनता न्याय की गुहार किससे लगाए? इन दिनों सोशल मीडिया से लेकर अखबारों के गलियारों और स्थानीय पेपर कटिंग्स में अब यही चर्चा आम है कि क्या नैनीताल में भ्रष्टाचार की जड़ें इतनी गहरी हो चुकी हैं कि बिना ‘चढ़ावे’ के कोई पत्ता भी नहीं हिल सकता?
ताजा मामला जनपद नैनीताल के बेतालघाट थाने का है, जहां तैनात एक घूसखोर पुलिस कांस्टेबल दीपक सिंह को विजिलेंस (सतर्कता विभाग) की टीम ने ₹45,000 की मोटी घूस लेते हुए रंगे हाथों दबोच लिया है। कांस्टेबल की इस करतूत के बाद पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
*क्या है पूरा मामला? ‘डर’ दिखाकर मांगी जा रही थी ‘मलाई’*
शिकायतकर्ता सरकारी खनन पट्टे पर आरबीएम (RBM) निकालने का वैध कार्य करता है। इस आरबीएम को निकालकर गाड़ियों के जरिए स्थानीय स्टोन क्रेशर तक भेजा जाता है। सब कुछ कानूनी और कागजी तौर पर सही होने के बावजूद, बेतालघाट थाने में तैनात *कांस्टेबल दीपक सिंह* बिलहरी, चकरपुर, खटीमा, उधम सिंह नगर) की नजरें इस कारोबार पर टिकी थीं।
आरोप है कि यह घूसखोर सिपाही गाड़ियों को अनावश्यक रूप से रोकने, उनका बेवजह चालान काटने और वाहन को सीज करने का डर दिखाकर लगातार शिकायतकर्ता को धमकी दे रहा था। इस ‘अवैध रोकटोक’ को बंद करने और धंधा शांति से चलने देने के एवज में सिपाही ने ₹45,000 की रिश्वत की मोटी डिमांड रख दी।
*टोल फ्री नंबर-1064 पर बजी घंटी और बिछ गया ‘विजिलेंस का जाल’*
शिकायतकर्ता इस आए दिन की ब्लैकमेलिंग और खाकी की धौंस से तंग आ चुका था। उसने घुटने टेकने के बजाय भ्रष्टाचार के खिलाफ जंग लड़ने की ठानी और विजिलेंस के टोल फ्री नंबर *1064* पर मामले की शिकायत ठोक दी।
शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाने पर सतर्कता सेक्टर हल्द्वानी (नैनीताल) में मुकदमा दर्ज किया गया। इसके बाद विजिलेंस की एक स्पेशल ‘ट्रैप टीम’ का गठन हुआ। विजिलेंस की टीम ने पूरी फिल्मी स्टाइल में जाल बिछाया। जैसे ही आज दिनांक 25-05-2026 को आरोपी कांस्टेबल दीपक सिंह ने चापड़ देव सिंह के मकान (हाल निवास) पर शिकायतकर्ता से ₹45,000 के नोट थामे, वैसे ही पहले से घात लगाए बैठी विजिलेंस की टीम ने उसे रंगे हाथों दबोच लिया। नोट पकड़ते ही सिपाही के होश उड़ गए और उसकी सारी हेकड़ी धरी की धरी रह गई।
