
नारद मोह लीला में टूटा नारद का अहंकार, मंचन देख झूम उठे श्रद्धालु
नारद मोह लीला में टूटा नारद का अहंकार, मंचन देख झूम उठे श्रद्धालु
भगवान विष्णु ने लीला रचकर नारद मुनि का घमंड किया चूर, बंदर रूप देखकर क्रोधित हुए नारद
भगवान श्रीराम शिव शक्ति रंगमंच रामलीला में नारद मोह प्रसंग का जीवंत मंचन
रुड़की। श्रीराम शिव शक्ति रंगमंच की रामलीला में बुधवार रात नारद मोह लीला का भावपूर्ण और आकर्षक मंचन किया गया। कलाकारों ने भगवान विष्णु और नारद मुनि के संवाद तथा नारद के अहंकार से जुड़े प्रसंग को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। लीला के दौरान मंच पर भगवान विष्णु की माया और नारद मुनि के क्रोध का प्रसंग देखकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे।

मंचन में दिखाया गया कि नारद मुनि कठोर तपस्या करते हैं। तपस्या पूरी होने के बाद उन्हें अपनी साधना पर अहंकार हो जाता है। नारद के इसी घमंड को दूर करने के लिए भगवान श्री विष्णु लीला रचते हैं। विष्णु भगवान की माया में फंसकर नारद मोहग्रस्त हो जाते हैं।
भगवान विष्णु उन्हें बंदर का रूप प्रदान कर देते हैं। अपना स्वरूप देखकर नारद मुनि क्रोधित हो जाते हैं और भगवान विष्णु को श्राप दे देते हैं।

कलाकारों ने नारद मुनि के क्रोध, भगवान विष्णु की लीला और पूरे प्रसंग को संवाद एवं अभिनय के माध्यम से जीवंत कर दिया। जैसे-जैसे लीला आगे बढ़ी, पंडाल में मौजूद श्रद्धालुओं की उत्सुकता बढ़ती गई।

मंचन के दौरान जय श्रीराम के जयघोष से वातावरण भक्तिमय हो गया और श्रद्धालु झूम उठे।
रामलीला कमेटी के पदाधिकारियों ने बताया कि रामलीला के माध्यम से धार्मिक प्रसंगों के साथ समाज को अहंकार त्यागने और प्रभु की भक्ति का संदेश दिया जा रहा है। आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
