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- विदेशी कॉल को बना देते थे देसी नंबर!
- बाजपुर में एसटीएफ ने पकड़ा ‘सिम बॉक्स’ का खतरनाक खेल, 114 सिम कार्ड और 77 एंटीना बरामद, बांग्लादेश के साइबर अपराधियों से जुड़े तार; डिजिटल अरेस्ट और ठगी में इस्तेमाल होने का खुलासा
बाजपुर। विदेश से आने वाली कॉल को भारतीय मोबाइल नंबर के रूप में दिखाकर पहचान छिपाने वाले अवैध टेलीकॉम गेटवे का एसटीएफ की साइबर कुमाऊं यूनिट ने भंडाफोड़ किया है। बाजपुर के मुड़िया क्षेत्र में एक मकान के अंदर करीब सात माह से चल रहे इस नेटवर्क में सिम बॉक्स के जरिए विदेशी और वीओआईपी कॉल को लोकल मोबाइल कॉल में बदला जा रहा था। कार्रवाई के दौरान एसटीएफ ने दो सिम बॉक्स, 77 एंटीना और 114 एयरटेल सिम कार्ड समेत बड़ी संख्या में टेलीकॉम उपकरण बरामद किएएसटीएफ के अनुसार, इस नेटवर्क का संचालन मुरादाबाद निवासी 24 वर्षीय कादिर पुत्र जाबिर अली कर रहा था। उसे मौके से गिरफ्तार कर लिया गया।
- प्रारंभिक जांच में उसके संपर्क बांग्लादेश के साइबर अपराधियों से होने की जानकारी सामने आई है। एसटीएफ अब विदेशी कनेक्शन, बैंक खातों और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पड़ताल कर रही है।
विदेशी कॉल आती थी, मोबाइल पर दिखता था देसी नंबर
जांच में सामने आया कि सिम बॉक्स के जरिए विदेश या इंटरनेट से आने वाली वीओआईपी कॉल को भारतीय मोबाइल नेटवर्क की लोकल कॉल में परिवर्तित किया जाता था। इसके बाद कॉल रिसीव करने वाले के मोबाइल पर विदेशी नंबर के बजाय भारतीय मोबाइल नंबर दिखाई देता था। इससे कॉल करने वाले की वास्तविक पहचान और लोकेशन छिपाने में मदद मिलती थी।

एसटीएफ को आशंका है कि इस तकनीक का इस्तेमाल साइबर अपराधियों ने डिजिटल अरेस्ट, फर्जी अधिकारी बनकर ठगी और अन्य साइबर अपराधों में किया हो सकता है। फर्जी अथवा दूसरे व्यक्तियों के दस्तावेजों पर जारी सिम कार्डों के इस्तेमाल की भी जांच की जा रही है।
पहले भी पकड़ा जा चुका है आरोपी
एसटीएफ के मुताबिक कादिर पहले भी साइबर अपराधियों के संपर्क में रहा है। वर्ष 2023 में मुरादाबाद के कटघर थाना क्षेत्र में सिम बॉक्स के माध्यम से अवैध टेलीकॉम गेटवे चलाने के मामले में उसे गिरफ्तार किया जा चुका है। फिलहाल वह जमानत पर था। इसके बाद बाजपुर में दोबारा इसी तरह का नेटवर्क संचालित किए जाने की बात सामने आई है।
02 सिम बॉक्स में 32-32 स्लॉट
एसटीएफ ने मौके से 32-32 स्लॉट वाले दो सिम बॉक्स, 77 एंटीना, 114 एयरटेल सिम, एयरटेल इंटरनेट राउटर, सैमसंग ए-35 मोबाइल, लैन/यूएसबी केबल, कनेक्टर, एसी एडॉप्टर, पावर केबल, फाइबर वायर, मीडिया कन्वर्टर और अन्य टेलीकॉम उपकरण बरामद किए हैं।
सिम देने वालों की भी होगी जांच
एसटीएफ अब यह पता लगाने में जुटी है कि 114 सिम कार्ड किन दस्तावेजों पर लिए गए थे और इन्हें उपलब्ध कराने में किन लोगों की भूमिका रही। अधिकारियों के अनुसार फर्जी दस्तावेजों पर सिम उपलब्ध कराने वाले एजेंटों तथा नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह के मुताबिक साइबर अपराधियों द्वारा सिम बॉक्स जैसी तकनीक के जरिए पहचान छिपाने के प्रयासों पर तकनीकी और साइबर फॉरेंसिक संसाधनों की मदद से कार्रवाई जारी है। आरोपी के विदेशी संपर्कों और पूरे साइबर नेटवर्क की गहनता से जांच की जा रही है।
