तीन कोतवाली के एसएसआई बदले, पुलिस महकमे में फेरबदल तीन कोतवालियों के एसएसआई बदले, पुलिस महकमे में फेरबदल सिविल लाइंस से धर्मेंद्र राठी की गंगनहर कोतवाली में तैनाती, दीप कुमार को मंगलौर और सुखपाल मान को मिली सिविल लाइंस की जिम्मेदारी

तीन कोतवाली के एसएसआई बदले, पुलिस महकमे में फेरबदल
तीन कोतवालियों के एसएसआई बदले, पुलिस महकमे में फेरबदल
सिविल लाइंस से धर्मेंद्र राठी की गंगनहर कोतवाली में तैनाती, दीप कुमार को मंगलौर और सुखपाल मान को मिली सिविल लाइंस की जिम्मेदारी
रुड़की। जनपद में कानून-व्यवस्था को और बेहतर बनाने तथा पुलिसिंग व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर ने तीन कोतवालियों के उप निरीक्षक स्तर पर फेरबदल किया है। इस बदलाव के तहत सिविल लाइंस कोतवाली, गंगनहर कोतवाली और मंगलौर कोतवाली के एसएसआई की जिम्मेदारियां बदली गई हैं।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक की ओर से किए गए फेरबदल में

सिविल लाइंस कोतवाली के एसएसआई धर्मेंद्र राठी को गंगनहर कोतवाली भेजा गया है। वहीं, गंगनहर कोतवाली के एसएसआई दीप कुमार को मंगलौर कोतवाली में तैनाती दी गई है। इसी क्रम में मंगलौर कोतवाली के एसएसआई रहे सुखपाल मान को सिविल लाइंस कोतवाली का एसएसआई बनाया गया है।

तीनों अधिकारियों को नई जिम्मेदारी मिलने के बाद संबंधित कोतवालियों में पुलिसिंग की कमान में बदलाव होगा। रुड़की शहर में सिविल लाइंस और गंगनहर कोतवाली क्षेत्र अपराध और यातायात की दृष्टि से महत्वपूर्ण माने जाते हैं, जबकि मंगलौर क्षेत्र में भी कानून-व्यवस्था के साथ-साथ आपराधिक गतिविधियों पर निगरानी पुलिस के लिए अहम चुनौती रहती है।

पुलिस विभाग में हुए इस फेरबदल को नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया के तौर पर देखा जा रहा है। अधिकारियों को नई तैनाती के साथ अपने-अपने क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अपराधों की रोकथाम और लंबित मामलों के निस्तारण पर फोकस करना होगा।
तीनों को मिली नई जिम्मेदारी
धर्मेंद्र राठी — एसएसआई सिविल लाइंस से एसएसआई गंगनहर कोतवाली
दीप कुमार — एसएसआई गंगनहर से एसएसआई मंगलौर कोतवाली
सुखपाल मान — एसएसआई मंगलौर से एसएसआई सिविल लाइंस कोतवाली
एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर के इस फेरबदल के बाद अब तीनों कोतवालियों में पुलिसिंग की कार्यप्रणाली में बदलाव देखने को मिलेगा। नई तैनाती के बाद अधिकारियों के सामने अपने-अपने क्षेत्रों में अपराध नियंत्रण के साथ पुलिस व्यवस्था को और प्रभावी बनाने की चुनौती होगी।

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