रुड़की और भगवानपुर के मंदिरों में गूंजा नंद के घर आनंद भयो, जन्माष्टमी पर उमड़ा आस्था का सैलाब
हनुमान मंदिर, कोडुमल मंदिर और शाकुंभरी देवी मंदिर समेत कस्बे के कई मंदिरों में सजी आकर्षक झांकियां, बाजार में भीड़ बढ़ने से बनी जाम की स्थिति, रुड़की में प्रेम मंदिर सिविल लाइन स्थित शिव मंदिर समेत कई जगह पर रही जन्माष्टमी की धूम
(ऋषभ अग्रवाल)
भगवानपुर। भगवानपुर कस्बे में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। कस्बे के हनुमान मंदिर, कोडुमल मंदिर, शाकुंभरी देवी मंदिर समेत विभिन्न मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। मंदिरों को रंग-बिरंगी रोशनी और फूलों से सजाया गया। देर शाम से ही मंदिरों में श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। रात तक मंदिर परिसर श्रद्धालुओं की भीड़ से गुलजार रहे।
जन्माष्टमी के अवसर पर मंदिरों में भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप की आकर्षक झांकियां सजाई गईं। कहीं भगवान श्रीकृष्ण के जन्म से जुड़ी झांकी प्रदर्शित की गई तो कहीं गोकुल और वृंदावन की झलक देखने को मिली। झांकियों को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिरों में पहुंचे। बच्चों और महिलाओं में भी झांकियों को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला।
हनुमान मंदिर में विशेष आयोजन
भगवानपुर के हनुमान मंदिर में जन्माष्टमी महोत्सव को लेकर विशेष तैयारियां की गई थीं। मंदिर परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया। यहां विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक झांकियां प्रस्तुत की गईं। भगवान श्रीकृष्ण के जन्म से लेकर उनके बाल स्वरूप से जुड़ी झांकियों ने श्रद्धालुओं का ध्यान आकर्षित किया। श्रद्धालुओं ने झांकियों के दर्शन कर भगवान श्रीकृष्ण का आशीर्वाद लिया।
हनुमान मंदिर समिति से जुड़े भूरा पंडित तरुण बंसल अरुण गालव सागर अग्रवाल और आकाशदीप ने बताया कि मंदिर में हर वर्ष जन्माष्टमी का कार्यक्रम धूमधाम से आयोजित किया जाता है। इस वर्ष भी श्रद्धालुओं के लिए विशेष झांकियां और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। उन्होंने बताया कि जन्माष्टमी को लेकर मंदिर में कई दिनों से तैयारियां चल रही थीं।
बाजार में भी बढ़ी भीड़, जाम से लोग परेशान
जन्माष्टमी के चलते भगवानपुर के बाजार में भी काफी चहल-पहल रही। शाम के समय मंदिरों की ओर जाने वाले श्रद्धालुओं और खरीदारी के लिए बाजार पहुंचे लोगों की संख्या बढ़ने से मुख्य बाजार में वाहनों का दबाव बढ़ गया। कई स्थानों पर वाहनों की लंबी कतार लग गई और जाम की स्थिति बन गई। लोगों को कुछ दूरी तय करने में भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए लोगों ने परिवार के साथ पहुंचकर भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना की। देर रात तक मंदिरों में भजन-कीर्तन और धार्मिक आयोजन चलते रहे। आधी रात को भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के समय श्रद्धालुओं ने जयकारे लगाए और प्रसाद वितरित किया। पूरे कस्बे में देर रात तक ‘नंद के घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की’ के जयकारे गूंजते रहे।
