देहरादून: उत्तराखंड में कब कौन सा नियम लागू हो जाए पता ही नहीं है। अब नए फरमान ने पुलिस महकमे के उन तेज तर्रार दारोगाओं की नींद को उड़ा दिया है। जिन्होंने मेहनत के बलबूते थाना प्रभारी की कुर्सी हासिल की और बड़े-बड़े अपराधियों को धूल चटा दी। इसी बीच पुलिस मुख्यालय की ओर से एक आदेश जारी किया गया कि अब इंस्पेक्टर को ही थाने का चार्ज मिलेगा। दारोगा को नहीं। अब तमाम काबिल दारोगा जो कि इंस्पेक्टरों को अपने काम से मात दे रहे थे वह या तो चौराहे पर हेलमेट चेकिंग या सत्यापन अभियान संचालित करते नजर आएंगे या फिर दफ्तरों में बैठकर पदोन्नति होने का इंतजार करेंगे। इसके चलते सैकड़ों दारोगाओं में मायूसी छा गई है। जिसका खामियाजा आने वाले दिनों में पुलिसिंग व्यवस्था को उठाना पड़ सकता है। हालांकि जो 58 थाने उच्चीकृत किए गए हैं उनमें वरिष्ठता के आधार पर उप निरीक्षकों की पदोन्नति के माध्यम से की जाएगी। जो एसीपी के माध्यम से निरीक्षक पद के वेतनमान को प्राप्त कर रहे हो।
गजब हाल अब दारोगा चौराहों पर काटे के पर्ची, इंस्पेक्टर राज से उत्तराखंड पुलिस में छाई मायूसी, कहीं दारोगा और उनके परिवार की नाराजगी 2027 में बन ना जाए बड़ी चुनौती, वरिष्ठता के आधार पर उपनिरीक्षकों को मिलेगी पदोन्नति
