देहरादून: यूकेएसएससी की परीक्षा में नकल करने वाले आरोपी खालिद की लक्सर तहसील के सुल्तानपुर कस्बे में अतिक्रमण कर बनाई गई दुकानों को प्रशासन ने ध्वस्त कर दिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस कार्रवाई के जरिए स्पष्ट संदेश दिया है कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि “जो भी इस मामले में शामिल पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही इस मामले में लापरवाही पाए जाने पर सेक्टर मजिस्ट्रेट के रूप में तैनात परियोजना निदेशक के. एन. तिवारी को निलंबित कर दिया गया है। वहीं पुलिस विभाग के एक उपनिरीक्षक और एक कांस्टेबल को भी सस्पेंड कर दिया गया है। इसके अलावा एक सहायक प्रोफेसर सुमन को भी निलंबित कर दिया है। उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की देखरेख में एसआइटी का गठन भी कर दिया है। धामी सरकार ने दो टूक कहा है कि भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता और युवाओं की मेहनत की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। नकल या भ्रष्टाचार से जुड़ा कोई भी तत्व कानून के शिकंजे से बच नहीं पाएगा।
नकल के आरोपित खालिद के घर पर गरजा धामी सरकार का बुलडोजर, सुल्तानपुर में अतिक्रमण कर बनाई दुकान ध्वस्त, लापरवाही में परियोजना निदेशक केएन तिवारी निलंबित, सेक्टर मजिस्ट्रेट से थे तिवारी, दारोगा सिपाही के बाद सहायक प्रोफेसर भी निलंबित


देहरादून: यूकेएसएससी की परीक्षा में नकल करने वाले आरोपी खालिद की लक्सर तहसील के सुल्तानपुर कस्बे में अतिक्रमण कर बनाई गई दुकानों को प्रशासन ने ध्वस्त कर दिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस कार्रवाई के जरिए स्पष्ट संदेश दिया है कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि “जो भी इस मामले में शामिल पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही इस मामले में लापरवाही पाए जाने पर सेक्टर मजिस्ट्रेट के रूप में तैनात परियोजना निदेशक के. एन. तिवारी को निलंबित कर दिया गया है। वहीं पुलिस विभाग के एक उपनिरीक्षक और एक कांस्टेबल को भी सस्पेंड कर दिया गया है। इसके अलावा एक सहायक प्रोफेसर सुमन को भी निलंबित कर दिया है। उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की देखरेख में एसआइटी का गठन भी कर दिया है। धामी सरकार ने दो टूक कहा है कि भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता और युवाओं की मेहनत की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। नकल या भ्रष्टाचार से जुड़ा कोई भी तत्व कानून के शिकंजे से बच नहीं पाएगा।