मंगलौर में कांवड़ यात्रा का रैला संभालने वाले पुलिसकर्मी और एसपीओ सम्मानित डीजे कंपटीशन पर रणनीति से लगाया अंकुश, चौकीदारों का भी बढ़ाया मान, कावड़ यात्रा की लहर संभालने में सफल रहे कोतवाल महर

मंगलौर में कांवड़ यात्रा का रैला संभालने वाले पुलिसकर्मी और एसपीओ सम्मानित
डीजे कंपटीशन पर रणनीति से लगाया अंकुश, चौकीदारों का भी बढ़ाया मान, कावड़ यात्रा की लहर संभालने में सफल रहे कोतवाल महर
मंगलौर: कांवड़ यात्रा के दौरान भारी भीड़ और डीजे कंपटीशन के बीच कानून-व्यवस्था एवं यातायात व्यवस्था को संभालने में अहम भूमिका निभाने वाले पुलिसकर्मियों और स्पेशल पुलिस अधिकारियों , एसपीओ को सम्मानित किया गया। पुलिस प्रशासन ने बेहतर ड्यूटी निभाने वाले पुलिसकर्मियों के साथ ही गांवों में सुरक्षा व्यवस्था में सहयोग करने वाले चौकीदारों का भी सम्मान कर उनका उत्साह बढ़ाया।
इस बार कांवड़ यात्रा के दौरान मंगलौर क्षेत्र में पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती कांवड़ियों के रैले को व्यवस्थित तरीके से निकालने के साथ ही किसी भी विवाद की स्थिति को रोकना था। कोतवाल भगवान महर के नेतृत्व में पुलिस ने पहले से रणनीति तैयार कर संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल और एसपीओ की तैनाती की। पुलिस की रणनीति का असर यह रहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान मंगलौर में बड़े विवाद की स्थिति नहीं बनी और कांवड़ियों के रैले को व्यवस्थित तरीके से निकाला गया।
दरअसल, वर्ष 2025 में कांवड़ यात्रा के दौरान मंगलौर में डीजे कंपटीशन को लेकर विवाद हुआ था। डीजे की तेज आवाज और एक-दूसरे से आगे निकलने की होड़ को लेकर शुरू हुआ विवाद धीरे-धीरे तनाव में बदल गया था। पिछले अनुभव को देखते हुए इस बार पुलिस ने डीजे कंपटीशन करने वाली कांवड़ों पर विशेष नजर रखी और रणनीति के तहत ऐसे आयोजनों पर अंकुश लगाया।
पुलिस ने कांवड़ यात्रा शुरू होने से पहले ही संभावित विवाद वाले स्थानों को चिन्हित कर वहां निगरानी बढ़ाई। पुलिसकर्मियों और एसपीओ को भीड़ के बीच समन्वय बनाकर ड्यूटी करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा स्थानीय चौकीदारों ने भी गांवों और ग्रामीण क्षेत्रों में संदिग्ध गतिविधियों एवं संभावित विवाद की जानकारी पुलिस तक पहुंचाने में सहयोग किया।
कांवड़ यात्रा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न होने के बाद पुलिस अधिकारियों ने ड्यूटी में बेहतर प्रदर्शन करने वाले पुलिसकर्मियों, एसपीओ और चौकीदारों को सम्मानित किया। सम्मान मिलने पर पुलिसकर्मियों और स्वयंसेवकों में उत्साह देखने को मिला। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि कांवड़ यात्रा जैसे बड़े आयोजनों को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने में पुलिस के साथ स्थानीय लोगों और सहयोगी तंत्र की भूमिका भी महत्वपूर्ण रहती है।

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पिछले विवाद से लिया सबक
वर्ष 2025 में डीजे कंपटीशन के चलते मंगलौर में बिगड़े माहौल को पुलिस ने इस बार चुनौती के रूप में लिया। डीजे कंपटीशन पर प्रभावी अंकुश और समय रहते भीड़ को नियंत्रित करने की रणनीति ने पुलिस को बड़ी सफलता दिलाई। इसी बेहतर व्यवस्था के लिए ड्यूटी में जुटे पुलिसकर्मियों और एसपीओ का सम्मान किया गया।

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