जयपुर: राजस्थान का ‘महा-वॉटर स्कैम’: 40 टीमें, 100 ठिकाने और एक ‘मिस्टर इंडिया’ ऑफिसर जी हा यह बात सुनने में थोड़ा अटपटी हैं लेकिन सच्चाई यही है। राजस्थान के घर-घर में नल से जल पहुँचाने का सपना भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया। आरोप है कि रिटायर्ड आईएएस सुबोध अग्रवाल और उनके करीबियों ने मिलकर सरकारी खजाने में ऐसी ‘सेंध’ लगाई कि पानी की जगह करोड़ों की काली कमाई बहने लगी। फर्जी कंप्लीशन सर्टिफिकेट्स और मिलीभगत के दम पर टेंडर हथियाए गए और ₹900 करोड़ का वारा-न्यारा कर दिया गया। अब ACB ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। आलम यह है कि 40 टीमें पिछले 16 दिनों से दिन-रात एक किए हुए हैं। 100 से ज्यादा ठिकानों पर छापेमारी की गई है, जिसमें जयपुर से लेकर दिल्ली और मुंबई , उत्तराखंड तक का इलाका शामिल है। मामले में सबसे चौंकाने वाला मोड़ अब देवभूमि उत्तराखंड की ओर इशारा कर रहा है। सूत्रों और गलियारों में चर्चा तेज है कि फरार आरोपी और उनके परिवार के सदस्य उत्तराखंड में भी सकते हैं। उनका एक रिश्तेदार उत्तराखंड में तैनात है। रिटायर्ड आईएएस सुबोध अग्रवाल के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी हो चुका है। जितेंद्र शर्मा, मुकेश गोयल और संजीव गुप्ता जैसे नामी आरोपी भी ‘फरार’ की लिस्ट में हैं।
राजस्थान के महा वॉटर स्कैम का एक ठग पुलिस की पकड़ से बाहर, उत्तराखंड के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी का रिश्तेदार, राजस्थान का जांच एजेंसियों ने देवभूमि की ओर किया रूख, 800 करेड़ के जल जीवन मिशन घोटाले का है मुख्य आरोपी
